अंबिकापुर. एक ग्रामीण शनिवार की दोपहर घरवालों को बोलकर निकला था कि वह घुनघुट्टा नदी में नहाने जा रहा है। देर शाम तक जब नहीं लौटा तो परिजन उसे खोजने पहुंचे लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। इसकी सूचना उसके परिजन ने रविवार को पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस नदी किनारे पहुंची तो उसके कपड़े वहां पड़े थे।
गांव वालों का कहना था कि शनिवार को अचानक नदी में बाढ़ आई थी। ऐसे में पुलिस आशंका जता रही है कि ग्रामीण नदी में आई बाढ़ में बह गया होगा। घटना के 30 घंटे बाद भी ग्रामीण का पता नहीं चल सका है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
गांधीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम सुखरी स्थित कोयलाडुग्गु निवासी 55 वर्षीय किशुन राम पिता बालसाय शनिवार की दोपहर लगभग 3 बजे अपने घर से यह कह कर निकला कि वह गांव के समीप घुनघुट्टा नदी में नहाने जा रहा है। शाम होने के बाद भी वह घर वापस नहीं लौटा तो परिजन उसे नदी की ओर खोजने गए लेकिन उसका कहीं कुछ पता नहीं चला।
काफी खोजबीन के बाद भी ग्रामीण का पता नही चला तो परिजन ने रविवार की दोपहर मामले की सूचना गांधीनगर पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस की टीम परिजन के साथ घटना स्थल पर पहुंची। काफी खोजबीन के बाद ग्रामीण के कपड़े पुलिस ने नदी के किनारे से बरामद किया। परिजनों ने उक्त कपड़े की पहचान भी की।
ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार को करीब 4 बजे नदी में बाढ़ आया था, इसी पानी में बहने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने फिर नदी के आस-पास काफी खोजबीन की लेकिन ग्रामीण का पता नहीं चला। अब पुलिस भी संभावना जता रही है कि वह जब नदी में नहाने उतरा होगा, उसी दौरान अचानक बाढ़ आ गई होगी और उसे बहा ले गया होगा।
देर शाम तक गांधीनगर पुलिस ग्रामीणों की मदद से उसकी खोजबीन करती रही, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। इधर ग्रामीण के नहीं मिलने से उसके परिजन किसी अनहोनी की आशंका से परेशान हैं।
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